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हिमाचल में पांच दिन बारिश और तूफान का अलर्ट, मौसम विभाग की चेतावनी

शिमला समेत कई जिलों में अगले पांच दिन आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD ने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की दी सलाह

22 जून तक नहीं पहुंचा मानसून, जून में 20% कम बारिश दर्ज


हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में  सेामवार सुबह से ही काले बादल छाए रहे, जबकि कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना हुआ है। चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में हल्की बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश, आंधी और तूफान की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। खराब मौसम को देखते हुए विभाग ने स्थानीय लोगों और प्रदेश घूमने पहुंचे पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने नदी-नालों, भूस्खलन


संभावित क्षेत्रों और ऊंचाई वाले संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग ने रविवार को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 23 जून से 25 जून तक चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भी यलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। विभाग का कहना है कि इस दौरान कई स्थानों पर मौसम अचानक बदल सकता है और तेज बारिश के साथ तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश को प्रभावित कर रहा वेस्टर्न डिस्टरबेंस 26 जून के बाद कमजोर पड़ सकता है। हालांकि इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रहने के आसार हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

इस बीच प्रदेश में मानसून की एंट्री का इंतजार भी बढ़ गया है। हिमाचल में मानसून पहुंचने की सामान्य तिथि 22 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार अभी तक मानसून के प्रवेश के मजबूत संकेत नहीं मिले हैं। प्री-मानसून बारिश भी सामान्य से कम दर्ज की गई है, जिससे किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 21 जून तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में जहां सामान्य वर्षा 60.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी, वहीं इस बार केवल 48.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।